Tuesday, September 12, 2017

बर्मा मे मुसलमानो के साथ हिन्दुओ का भी कत्लेआम:सैकड़ो की मौत हजारो पहुंचे बंगलादेश



नई दिल्ली: अभी तक मीडिया और सोशलमीडिया पर आ रही खबरों से म्यांमार में सिर्फ रोहांग्या मुस्लिमो का ही नरसंहार लग रहा है लेकिन अब बांग्लादेश के अखबार और अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी बीबीसी हिंदी ने अपनी रिपोर्ट्स में दावा किया है कि बांग्लादेश में रोहिंग्या मुस्लिमो के साथ रोहिंग्या हिन्दू भी पलायन करके पहुंच रहे है।
बीबीसी हिंदी ने अपने एक लेख में ये लाइन दी है। कि म्यांमार से भागकर बांग्लादेश पहुंचने वाले हिन्दुओ का कहना है कि उन पर बौद्ध आतंकियोंं ने हमले किए थे क्योंकि वो रोहिंग्या जैसे दिखते हैं।



इसके साथ ही बीबीसी हिंदी ने इसी लेख में उस दावे को बनावटी बताया है जिसमे म्यांमार सरकार ने हिन्दुओं पर रोहिंग्या मुस्लिमो के हमले की स्टोरी बनाई थी। बीबीसी का कहना है कि उन्हें म्यांमार में एक कमरा दिखाया गया जहाँ बताया गया इन हिन्दुओं पर मुस्लिमो ने हमले किये थे लेकिन बीबीसी ने मौके वारदात पर सरकार द्वारा दिशा निर्देश के हिसाब से दिखावे के पीड़ित दिखाए जाने का उल्लेख किया और कहा कि इशारा किया कि अगर हिंसा मुस्लिमो के द्वारा की गयी थी फिर रोहिंग्या हिन्दू बांग्लादेश क्यों भागे।
चार सितम्बर को हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक बांग्लादेश में अल्पसंख्यको की एक प्रमुख संस्था हिन्दू-बौद्ध-क्रिस्चियन यूनिटी कौंसिल के प्रेसिडेंट राणा दासगुप्ता ने कहा है कि उन्होंने एक गाँव का दौरा किया जहाँ करीब 510 रोहिंग्या हिन्दू शरण लिए हुए है।
उन्होंने बताया कि म्यांमार से बांग्लादेश आये हिन्दूओं ने बताया कि म्यांमार के मांगडू जिले में बौद्ध चरमपंथीयो ने हमला करके 86 हिन्दुओं को मार डाला जिसके बाद हमे पलायन करना पड़ा है। खबर में ये स्पष्ट लिखा गया है कि हिन्दू को रोहिंग्या मुस्लिमो ने बॉर्डर क्रॉस कराने में मदद भी की। वही बांग्लादेश के प्रसिद्द अखबार दा डेली स्टार ने भी इस सिलसिले में बंगलादेशी कैम्पों में रहने वाले हिन्दुओं की स्टोरी बनाई है।
वही बांग्लादेश के मीडिया की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अब म्यांमार से आये रोहिंग्या हिन्दुओं की संख्या बढ़कर दो हजार के आसपास हो गयी है। आपको बता दें कि यूएन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक एक सप्ताह में तीन लाख रोहांग्या मुसलमानों नें बंग्लादेश में शरण ली है।

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अंधभक्तो की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए मोदी अहमदाबाद मस्जिद में घुमाएंगे जापानी पीएम शिंजो आबे को



अहमदाबाद: अहमदाबाद की मशहूर सीदी सैयद मस्जिद की इन दिनों जितनी चर्चा हो रही है, शायद ही पहले कभी हुई हो। इसके पीछे दिलचस्प वजह यह है कि जापानी पीएम शिंजो आबे भारत यात्रा के दौरान इस मस्जिद को देखने आ रहे हैं। मस्जिद मे उनके साथ हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी होंगे।
इसी के चलते पीएम मोदी मस्जिद से जुड़ी ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी हासिल कर रहे है। वह चाहते हैं जब शिंजो आबे उनके साथ हों तो इससे जुड़ी सारी अहम बातें उन्हें पता हो ताकि वह अपने समकक्ष के साथ इन बातों को शेयर कर सकें। इसी लिये प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सुन्नी वक्फ कमिटी से 16वीं शताब्दी में बनी इस मस्जिद के आर्किटेक्चर और इतिहास से संबंधित सारी पठनीय जानकारियां भेजने को कहा है। 



म्युनिसिपल कमिश्नर मुकेश कुमार ने बताया कि पहली बार प्रधानमंत्री मोदी सीदी सैयद मस्जिद देखने आ रहे हैं। हालिया दिनों में यूनेस्को के डायरेक्टर जनरल इरिना बोकोवा को छोड़कर कोई भी नामचीन हस्ती इस मस्जिद को देखने नहीं आया। इरिना गुजरात के सीएम विजय रुपानी को वर्ल्ड हेरिटेज सर्टिफिकेट सौंपने आए थे।
सुन्नी वक्फ कमिटी के चेयरमैन रिजवान कादरी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद जापानी पीएम शिंजो आबे को सीदी सैयद मस्जिद की अहमियत और इतिहास बताना चाहते हैं। यह मस्जिद संस्कृति और खूबसूरती का मिश्रण है। यह अहमदाबाद की पहचान है। सूत्रों का कहना है कि 2013 में ओमान के मंत्री मोहम्मद बिन कासिम की अगुवाई में तीन सदस्यीय दल इस मस्जिद को देखने आया था, लेकिन यह अनौपचारिक दौरा था।
जापानी प्रधानमंत्री 13 सितंबर को भारत पहुंच रहे हैं। आबे अपने भारत दौरे के पहले ही दिन अहमदाबाद की यात्रा करेंगे। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारत के अपने दो दिवसीय दौरे में अहमदाबाद में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ एक रोड शो में भी शामिल होंगे। 8 किलोमीटर लंबा रोड शो अहमदाबाद एयरपोर्ट से शुरू होगा और साबरमती आश्रम तक जाएगा।
इस मस्जिद की खूबसूरती को निखारने में अहमदाबाद म्युनिसिपल कमिश्नर मुकेश कुमार, पुरातात्त्विक सर्वे विभाग के प्रमुख सज्जन सिंह परमार और एसपीजी के अधिकारियों ने काफी मेहनत की है। पीएम मोदी और शिंजो आबे के लिए खासतौर पर फोटो सेशन का कार्यक्रम रखा गया है। शाम 6.45 के करीब दोनों पीएम यहां फोटो खिंचवाएंगे। सूर्यास्त के वक्त वह नजारा बेहद मनोरम होता है।

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आवारा पशुओं के आतंक के खिलाफ किसानों का जबरदस्त आंदोलन: गोरक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा बन्द करो



नई दिल्ली:  राजिस्थान के सीकर में 1 सितंबर से चल रहा किसानों का धरना आज जबर्दस्त रूप से व्यापक आंदोलन मेें तब्दील हो गया है। कर्जमाफी, स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करो, आवारा पशुओं को आतंक पर लगाम लगाओ और पशु विक्रय प्रतिबंध अध्यादेश को रद्द करो की मांग के साथ शुरू हुआ किसान आंदोलन पूरे प्रदेश मेें फैलता जा रहा है।
आज सीकर में पूर्ण रूप से बंद हैं तो श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू, झुनझुनु, नागौर और बीकानेर में भी इन मांगों के साथ प्रदर्शन हुए हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के राजस्थान सहसचिव डॉक्टर संजय माधव ने बताया कि सरकारों को वोट लेने के बाद उन्हें भूल जाने की आदत अब बदल लेनी चाहिए। किसानों ने मोदी को प्रधानमंत्री अपने विकास और पैदावार बढ़ाने के लिए बनाया था, न कि किसानी और तबाह करने के लिए।



राज्य में आवारा पशुओं का आतंक एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। सरकार न तो कर्जमाफी कर रही है और न ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को ही लागू कर रही है। अलबत्ता इसने पशु विक्रय प्रतिबंध अध्यादेश लाने की साजिश जरूर की है, जिसके खिलाफ आज किसान व्यापक रूप से आंदोलनरत हैं।
गौरतलब है कि बीकानेर जिले के लूनकरण तहसील में पिछले महीने किसान सभा ने प्रदर्शन करते हुए करीब डेढ़ दो हजार आवारा पशुओं को एसडीएम दफ्तर में बांध दिया था और प्रशासन को हिदायत दी थी इसको या फिर मंत्रियों के बंगले में बांध या अपने यहां रखो। अगर हमारे खेतों में ये दुबारा गए तो हमलोग उग्र आंदोलन करेंगे।
इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं में शामिल किसान नेता और पूर्व विधायक अमराराम का कहना है कि सरकार जब तक राज्य स्तर पर कोई वार्ता नहीं करती है, किसान पड़ाव और आंदोलन जारी रहेगा। किसान पिछले 2 महीने से अलग—अलग जगहों पर धरना दे रहे हैं। पर सरकार का कोई अमला सुनवाई करने को तैयार नहीं है, लेकिन अब किसानोें का गुस्सा व्यापक और ताकतवर होकर फूट रहा है तो सरकार अपने मंत्रियों को भेजकर हमें हवाई आश्वासन दे रही है।
सीकर प्रदर्शन में शामिल रहे नवलगढ़ के किसान राकेश कुमार सिंह कहते हैं, 'सरकार शहरों में गौहत्या के नाम पर वोट बटोर रही है और यहां किसान अपनी फसलों को बचाने की कोशिश में रात—रात भर जा रहे हैं। क्यों नहीं गौरक्षा से पहले सरकारों ने हमारी चिंता की, आखिर कौन बांधेगा अपने घरों में इनको। अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनेगी तो हम ईंट से ईंट बजा देंगे।
झुनझुनु के किसान नेता श्रीचंद डूढ़ी के मुताबिक हमारी तीन मुख्य मांगें हैं। पहली कर्जमाफी, दूसरी स्वीमानाथन रिपोर्ट को लागू करो और तीसरी हमारे खेतों को आवारा पशुओं से निजात दिलाओ। इसके साथ ही तत्काल प्रभाव से पशु बिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाना भी है।
गौरतलब है कि हरियाणा और राजस्थान की सरकारों ने लगने वाले पशुमेले को प्रतिबंधित कर दिया है। इन प्रतिबंधों के कारण किसान अपने पशुओं को नहीं बेच पा रहे हैं, क्योंकि सरकार का कहना है कि पशु धन को जो वध के लिए ले जाएगा वह भी और जो बेचेगा वह भी दोनों ही दोषी माने जाएंगे और उन पर कार्यवाही होगी।
गौरक्षा के नाम पर किए किए इस किसान विरोधी फैसले से देशभर के किसान आक्रोश में हैं। किसान नेताओं का कहना है कि इसकी शुरुआत राजस्थान से हो चुकी है। अब धीरे—धीरे किसान अपने प्रदर्शनों के जरिए बताएंगे कि गौरक्षा के नाम पर जारी सरकारी नुराकुश्ती कैसे किसानों की बर्बादी का नया अध्याय लिख रही है।

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Wednesday, August 30, 2017

साक्षी महाराज और स्वामी के बाद बलात्कारी बाबा के बचाव में उतरा एक और बीजेपी सांसद:फैसले को गलत बताया



नई दिल्ली: अपनी ही साध्वियों के बलात्कार में 20 साल की सजा पाचुके बलात्कारी बाबा गुरमीत को लेकर भाजपा नेताओं को अभी भी सब्र नही आरहा है।और अबतक राष्ट्रवादी होने का ढोंग करने वाले संसद अदालत के फैसले को ही गलत बात रहे है। शायद bjp नेताओ को कानून से ज्यादा वोटबैंक की फिक्र है।bjp के विवादित सांसद साक्षी महाराज के बाद भाजपा के एक और सांसद अदालत के फैसले को गलत बताते हुए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पक्ष में उतर आए हैं। काल मंगलवार को आयोजित भारत नवयुग संकल्प दिवस पर हुई गोष्ठी में उप्र के हमीरपुर-महोबा से सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने कहा कि राम रहीम पर लगे आरोप और सजा देने से वह सहमत नहीं हैं।


उन्होंने कहा कि बाबा के अनुयायियों की आस्था को ठेस न पहुंचे, इस पर ध्यान देना चाहिए। सांसद यहीं नहीं रुके। आसाराम के पक्ष में भी बोले। कहा कि आसाराम के खिलाफ अभी दोष भी सिद्ध नहीं हुआ है और उनको लोग अभियुक्त बता रहे हैं। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि यह उनका अपना मानना है, पार्टी से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
सांसद ने कहा कि वह आसाराम व राम रहीम को आरोपी नहीं मानते हैं। उनके इस बयान को लेकर लोगों में चर्चा होती रही। उधर, सांसद के बयान पर पार्टी संगठन बचाव की मुद्रा में नजर आया।
गौरतलब है कि बलात्कारी बाबा गुरमीत के पक्ष में ब्ज्प के कई नेताओं ने खुल कर बयान दिया है। और अदालत भी हरियाणा में bjp सरकार को इस मामले में फटकार लगा चुकी है।

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Saturday, August 26, 2017

साक्षी महाराज के बाद एक और बीजेपी नेता आया बलात्कारी बाबा के बचाव मे:बेटी बचाव अभियान का क्या



नई दिल्ली: सीबीआई की स्पेशल कोर्ट मे कल बलात्कारी साबित हो चुके कथित बाबा राम रहीम को लेकर बीजेपी नेताओं की महिलाओं के प्रति घिनोनी सोच अब धीरे-धीरे सामने आ रही है।


बीजेपी सांसद साक्षी महाराज के कथित बाबा गुरमीत राम रहीम के समर्थन में आने के बाद अब बीजेपी का एक और नेता उनके समर्थन में उतर आया हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी बलात्कार के दोषी राम रहीम के बचाव में ट्वीट कर दिया है। स्वामी ने राम रहीम का समर्थन करते हुए कहा कि मीडिया द्वारा हिंदू विराट लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। स्वामी का कहना है कि केवल विराट हिंदुओं को खतरा बताया जाता है। अपने इस ट्वीट में स्वामी ने कांची शंकराचार्य मर्डर केस, योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ झूठा आरोप, श्री-श्री के खिलाफ दर्ज हुए केस का जिक्र भी किया।

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बलात्कारी राम रहीम के बचाव मे बीजेपी के साक्षी महाराज आखिर क्यों: ये कैसी देशभक्ति



नई दिल्ली: साध्वियों के साथ बलात्कार के दोषी पाये गए कथित बाबा गुरमीत राम रहीम पर कल पंचकुला में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद इस बलात्कारी बाबा के समर्थकों की गुंडा-गर्दी के चलते 31 लोग अपनी जान गंवा चुके है। और सैकड़ो गम्भीर रूप से घायल है।
सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद जिस तरह से पांच राज्यो में हिंसा घटनाएं हुईं, उसके बाद राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए गए। इस पूरे कांड मे हरियाणा की बीजेपी सरकार की मनसा पर भी अब सवाल उठने लगे है। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि केंद्र की मोदी सरकार और हरियाणा में खट्टर सरकार बनवाने मे बलात्कारी बाबा राम रहीम का समर्थन भी रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इस हिंसा की घटनाओं की निंदा करते हुए लोगो से शांति बनाए रखने की अपील की। और ये अपील ट्विटर के जरिए उस समय की गई जब हिंसा प्रभावित इलाकों में इंटरनेट, मोबाइल सेवा और टीवी तक बंद थे।


लेकिन लेकिन बलात्कारी बाबा राम रहीम पर बलात्कार का आरोप सिद्ध हो जाने के बाद भी एक और कथित बाबा और अक्सर अपने जहरीले बयानों के कारण विवादों में रहने वाले बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने इतनी बड़ी हिंसा की घटना पर सबसे अलग ही बयान दिया।
उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग डेरा सच्चा सौदा के बाबा को सच, भगवान मान रहे हैं। और यहा सिर्फ एक की बात सुनी जा रही है, करोड़ों लोगों की बात क्यों नहीं सुनी जा रही।एक आदमी यौन शोषण का आरोप लगा रहा है। पूर्वाग्रह भी हो सकता है। लोभ लालच भी हो सकता है। ये योजनाबद्ध तरीके से भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र है।मुझे लगता है कि माननीय उच्च न्यायालय को गंभीरता से इस बात को लेना चाहिए। इतना नुकसान हो गया है और ज्यादा नुकसान न हो।अगर ज्यादा बड़ी घटनाएं घटती हैं तो इसके लिए डेरा के लोग ज़िम्मेदार नहीं होंगे बल्कि न्यायालय भी ज़िम्मेदार होगा।
इसी साक्षी महाराज पर भी हत्त्या और बलात्कार के आरोप भी लग चुके है।
साक्षी महाराज का नाम 1997 में भी उस समय सुर्खियो में आया था जब वे फर्रुखाबाद से सासंद था और बीजेपी नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के मामले में भी उनके नाम पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। महाराज का नाम हत्या के इस मामले की जांच के दौरान आया था लेकिन बाद में सुबूतों के अभाव में उन्हें क्लीनचिट दे दी गई।
इस के बाद अगस्त सन 2000 में एटा के कॉलेज प्रिंसिपल ने साक्षी महाराज और उनके दो भतीजों पर गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई। इसके मुताबिक, पीड़ित महिला और उसके पुरुष दोस्त पर साक्षी महाराज और उनके लोगों ने तब हमला किया था, जब वे आगरा से एटा आ रहे थे। महाराज को इस केस में एक महीने तिहाड़ जेल में भी बिताने पड़े। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। साल 2000 में वह समाजवादी पार्टी में रहते हुए एक बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन किया। 
वर्ष 2005 में साक्षी महाराज को संसदीय फंड का दुरुपयोग करने के मामले में एक स्टिंग आपरेशन के तहत पकड़ा गया। साल 2012 में साक्षी महाराज फिर से बीजेपी में शामिल हो गए। 2013 में महाराज और उनके भाई पर उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य सुजाता वर्मा की हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया था। सुजाता को तब बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी, जब वे महाराज के एटा आश्रम के दौरे पर गई थीं। 
बताया जाता है कि सुजाता को साक्षी महाराज बेटी मानते थे और संपत्ति विवाद के चलते उनकी हत्या कराई गई। सुजाता ने एटा आश्रम पर अपने हिस्से को लेकर दावेदारी जताई थी, जिसके दो महीने बाद ही उनकी हत्या कर दी गई। बाद में इस मामले में भी महाराज को बरी कर दिया गया। 
घटना के एकमात्र चश्मदीद गवाह और सुजाता के सहयोगी अनिल यादव ने अपने बयान में कहा था, हत्या से ठीक पहले गेट पर साक्षी महाराज उनके भाई विजय स्वरुप और दो अन्य लोग राम सिंह, सत्य प्रकाश छोटे वाले गेट पर पहले से ही बैठे थे। इन्हीं चारों में से किसी ने गोली मारी थी।

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Friday, August 25, 2017

बलात्कारी बाबा के बचाव में bjp नेता साक्षी महाराज ने कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल: ये ही है bjp की असलियत



आज 15 साल पुराने साध्वी केस में बलात्कार के दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का भाजपा सांसद और अपने जहरीले भाषणों के लिए पहचाने जाने वाले साक्षी महाराज ने बचाव करते हुए कहा कि बाबा राम रहीम एक पवित्र आत्मा है। और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।



साक्षी महाराज ने अपने बयान में कहा कि देश के करोड़ों लोग राम रहीम को भगवान मानते हैं इसके बावजूद सीबीआई कोर्ट ने सिर्फ एक आदमी के आरोप के आधार पर उन्हें दोषी करार दे दिया है। बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओ को भीं आहत किया हैं। इसका जिम्मेदार कौन है।
साक्षी महाराज ने इसे भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के लिए एक योजना करार दिया है। विवादित बीजेपी नेता ने अपने ब्यान मे कहा कि आशाराम बापू, कर्नल पुरोहित, प्रज्ञा ठाकुर और सच्चिदानंद और भी कई लोग इन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जबकि दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम हैं उनके खिलाफ सैकड़ों एफआईआर हो चुकी है उसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत किसी की नहीं पड़ती है।
याद दिलादे कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम को साध्वी से रेप केस में सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जिसके बाद उनके समर्थकों न गुंडा गर्दी शुरू करते हुएे उपद्रव मचाना शुरू कर दिया। बेकाबू हुए गुंडों ने पत्‍थरों और लाठी-डंडों से मीडिया और सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया है। हिंसा में अब तक 28 लोगों के मौत की खबर है। वहीं 250 घायल बताये जा रहे हैं।

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