Monday, January 23, 2017

बसपा से बगावत कर बीजेपी में आए नेता को टिकट मिलने से रो पड़े बीजेपी नेता: महीनों से तैयारी कर रहे थे नेताजी



लखनऊ:  उत्‍तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में टिकट पाने के लिए नेताओं में होड़ होड़ लगी है। अधिकतर पार्टियां इस बात को लेकर परेशान है कि एक को टिकट दिया दो तो दूसरा नेता मुंह फुला लेता है। समाजवादी पार्टी में तो टिकट को लेकर खींचतान इतनी बढ़ गयी कि शीर्ष तक पहुंच गई है। और उत्तरप्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का सपना देख रही भारतीय जनता पार्टी की पहली लिस्‍ट आते ही कई भाजपाई नेताओ के चेहरे उतर गए हैं।


क्षेत्र की धौरहरा सीट के चुनाव लड़ने का इरादा कर चुके बीजेपी नेता विनोद धौरहरा सियासी गुणा-गणित में पिछड़ गये और इस सीट से टिकट बीएसपी से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए नेता बाला प्रसाद अवस्थी को मिल गयी है। बीजेपी हाईकमान से मिले इस झटके को बीजेपी नेता विनोद धौरहरा बर्दाश्त नहीं कर पाये और पत्रकारों के सामने अपना दर्द बाटते हुए सबके सामने ही रो पड़े। उन्होंने बकायदा दहाड़े मार-मार कर पार्टी पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने बीएसपी से आए नेता को तो तवज्जो दी है। जबकि हाईकमान ने पार्टी के प्रति उनकी सालों की सेवा और वफादारी को दरकिनार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेताओं ने अंदरुनी सर्वे में टिकट के दावेदारों में उनका नाम सबसे ऊपर रखा था लेकिन कुछ लोगों ने मेरे साथ धोखा किया और ऐन वक़्त पर बीजेपी में सालों पुरानी उनकी आस्था को भुलाकर एक दूसरे नेता के लिए पैरवी कर दी।
विनोद धौरहरा ने कहा कि उन्होंने पूरी ज़िंदगी पार्टी की सेवा की है हमेशा पार्टी के प्रति वफादार रहे है लेकिन इसका नतीजा उन्हें इस रूप में मिला।
धौरहरा के अनुसार वह पिछले 17 महीनों से क्षेत्र में तैयारियां कर रहे थे। विनोद धौरहरा ने पार्टी आलाकमान को पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। धौरहरा के मुताबिक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर उन्हें भरोसा है। और वे दूसरी पार्टियों की तरह ज़िंदगी के इस मोड़ पर दलबदलू नहीं बनना चाहते हैं।

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रोमानिया में मुस्लिम आबादी नही के बराबर होने के बावजूद एक मुस्लिम महिला बनी प्रधानमंत्री



रोमानिया में एक फैसले ने पूरी दुनिया को आश्चर्य में डाल दिया है। इस देश की सबसे बड़ी सोसल डेमोक्रेटिक पार्टी ने एक तातार समुदाय ताल्लुक रखने वाली मुस्लिम महिला को पीएम पद का उम्मीदवार बनाया है महिला का नाम सेविल शाएदह है।
रोमानिया की संसद में सोसल डेमोक्रेटिक पार्टी सबसे बडी पार्टी है इसिलिये सेविल की जीत महज़ एक औपचारिकता ही मानी जा रही है।


रोमानिया में मुस्लिम आबादी एक परसेंट से भी कम है। सेविल मुस्लिम होने के साथ देश इकोनॉमिस्ट है। रोमानिया की मीडिया ने इस फैसले को एक अच्छी पहल मानते हुए इसे एतिहासिक फैसला बताया है। इस के साथ ही देश के लोकतंत्र के लिए मील का पथ्थर साबित होने वाला फैसला बताया है।
रोमानिया में 11 दिसम्बर को चुनाव के नतीजे सोसल डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में रहे थे। और इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को 46 फीसद से ज्यादा वोट मिले थे।
संसदीय चुनावों में जीत के बाद पार्टी ने सेविल शाएदह को पीएम पद के लिए नामित किया है वही सेविल पार्टी की प्राथमिक सदस्य ही है संसदीय चुनावों में उन्होंने हिस्सा नही लिया था।

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Sunday, January 22, 2017

अपने पूर्व ब्यान से पलटी मारते हुए पासवान ने कहा ISI वाला ब्यान दबाव में दिया था।



कानपूर:  अभी हाल ही मे हुए कानपूर रेल हादसे के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ बताने वाला मोती पासवान अब अपने ब्यान से पलटी खा गया है। एनआईए द्वरा की गयी पूछताछ में मोती पासवान ने कबूल कर लिया है कि आईबी और मोतिहारी पुलिस के दबाव में उसने अपराध की स्वीकारोक्ति की थी। उसकी पुखरायां और रूरा में ब्लास्ट की थ्योरी पूरी तरह झूठी थी।


मिडिया मे आयी खबरो के अनुसार एनआईए बारीकी से मोती पासवान के बयानों के सिलसिलेवार लिंक ढूंढ़ रही थी। इस मामले में यूपी एटीएस से जो फीडबैक मिल रहे थे उसमें पासवान द्वरा बताई गई जगहों तथा बम लगाने के स्थान आदि की पुष्टि नहीं हो पा रही थी। इसी के बाद एनआईए ने मामले में कड़ाई से पूछताछ की जिसके बाद मोती पासवान टूट गया।
इससे पहले आरोपी ने कानपुर रेल हादसे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का कनेक्शन होने का खुलासा किया था। साथ ही उसने एक और चौंकाने वाला खुलासा यह भी किया था। कि कानपुर के बाद राजधानी दिल्ली और मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भी सीरियल ब्लास्ट की साजिश आईएसआई द्वरा रची गई थी।
कानपुर रेल हादसे से जुड़े सभी पहलुओ की गहराई से जाँच के लिए एनआईए रॉ और आईबी की टीम बिहार के मोतिहारी पहुंच थी। केंद्रीय एजेंसियों ने मोतिहारी पुलिस की गिरफ्त में आए मोती पासवान से लंबी पूछताछ की थी.
उनसे मिली जानकारी को केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किये जाने के बाद एनआईए, रॉ, रेलवे पुलिस और उत्तर प्रदेश एवं बिहार एटीएस की टीम भारत में बढ़ती रेल दुर्घटनाओं में आईएसआई की भूमिका का पता लगाने के लिए मोती पासवान, उमाशंकर पटेल और मुकेश यादव से पूछताछ करने के लिए पहुंचीं थी।

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संघ का आरक्षण पर ब्यान यूपी चुनाव में बीजेपी का हाल कही बिहार जैसा न करदे:रामविलास पासवान



नई दिल्ली:  केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार में दलित चेहरा राम विलास पासवान ने आज कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को रद्द करने के किसी भी प्रयास का उनकी पार्टी लोजपा जोरदार विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि आरएसएस के प्रवक्ता और इसके अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य द्वारा हाल में आरक्षण पर दिए गए बयान से लोग भ्रमित हो रहे है।


राम विलास पासवान ने पीटीआई से कहा कि पिछली बार आरएसएस ने बिहार चुनावों के दौरान भी इसी तरह के दलित विरोधी बयान दिए थे और इस बार इन्होंने उत्तरप्रदेश चुनावों से पहले ही ऐसा ब्यान दिया  है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि चुनावों के दौरान इस तरह के बयान क्यों दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आरएसएस के इस तरह के ब्यानों के कारण बिहार में हमें काफी नुकसान हुआ था। आरएसएस स्वतंत्र संगठन है और मुझे नहीं पता कि वह इस तरह का भड़काऊ बयान क्यों देते हैं। इस तरह के बयानों से स्वाभाविक तौर पर लोगो में नारजगी पैदा करते है।
गौरतलब है कि आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने शुक्रवार को अपने एक ब्यान मे आरक्षण नीति की समीक्षा की वकालत करते हुए इसे अलगाववाद पैदा करने वाला बताकर विवाद पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा था कि डा. भीमराव अंबेडकर भी आरक्षण को हमेशा के लिए जारी रखने के पक्ष में नहीं थे। इस बयान से भाजपा को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना बढ़ गयी है।

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RSS(संघ) और बीजेपी हमेशा ही आरक्षण विरोधी रहे है।किसी भी तरह इसे खत्म करना चाहते है: पांडये



नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी(AAP) के प्रवक्ता दिलीप पांडेय ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी सरकार भले ही खुद को जातिवाद से परे बताती है। लेकिन हकीकत में बीजेपी और आरएसएस ही देश में दलितो और पिछड़ों को लगातार दबाने का काम करती आ रही है। आरक्षण के मांग को लेकर संघ नेताओं के विरोधी बयान पर पांडेय ने आरएसएस की कूट नीति वाली मानसिकता पर हमला किया है।


आरएसएस के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने आरक्षण को खत्म करने पर जिस तरह दलित और पिछड़े वर्ग के लिए अपने बयान में जहर उगला है। वो असल में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) की दलित और पिछड़े वर्ग विरोधी सोच को ही परिलक्षित करता है।
दिलीप पांडेय ने भाजपा और आरएसएस के कर्म कांडो का ब्योरा देते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले रोहित वेमुला का मामला रहा हो या फिर गुजरात में भाजपा समर्थकों द्वारा दलितों की पिटाई का मामला रहा हो समय-समय पर भाजपा की दलित और पिछड़े वर्ग विरोधी सोच सामने आती रही है कि वो किस हद तक देश में दलित व पिछड़ों की तस्वीर को बिगाड़ना चाहते हैं। पांडेय ने इस मामले को लेकर भाजपा से छह सवाल भी पूछे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी भी कीमत पर भाजपा और उनके संघ को उसकी दलित विरोधी और पिछड़े वर्ग विरोधी सोच को कामयाब नहीं होने देगी।  

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एक ऑनलाइन सर्वे मे बीजेपी हार रही है यूपी चुनाव



लखनऊ:  उत्तरप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले ही संघ (RSS) द्वारा केंद्र की मोदी सरकार से आरक्षण खत्म करने की मांग करने को लेकर राजनीतिक संग्राम छिड़ा हुआ है। RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य और दत्तात्रेय होसबोले ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शुक्रवार को आरक्षण पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा था कि अगर आरक्षण देश मे लंबे समय तक लागू रखा गया तो इससे अलगाववाद ही बढ़ेगा।



न्यूज पेपर अमर उजाला ने इस मुद्दे को लेकर अपने एक ऑनलाइन पोल में सवाल पूछा- क्या आरक्षण पर आरएसएस के बयान से यूपी चुनाव में बीजेपी को नुकसान होगा? इस सवाल पर पाठको ने अपने अनुमान भेजे। इस पोल में कुल 8303 पाठकों ने हिस्सा लिया और इस में दिलचस्प बात यह रही कि करीब 52.98% फीसदी यानी 4399 पाठकों ने यह माना कि इससे बीजेपी को यूपी चुनाव में काफी नुकसान होगा।
अमर उजाला के मुताबिक लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने RSS प्रचारक मनमोहन वैद्य द्वारा दिए गए आरक्षण हटाने संबंधी बयान की जमकर आलोचना भी की है। बसपा सुप्रीमो कुमारी मायावती ने तो यहां तक कह डाला कि बीजेपी को वह यूपी चुनाव मे तारे दिखा देंगी। मनमोहन वैद्य के आरक्षण संबंधी दिए गए बयान को राजनीतिक विश्लेषक भी इसी के तहत देख रहे हैं।
यह तो समय ही बताएगा कि मनमोहन वैद्य के बयान से बीजेपी को यूपी में नुकसान होगा या नहीं लेकिन अमर उजाला द्वारा कराए गए इस ऑनलाइन पोल में पाठकों का मानना है कि इससे बीजेपी को नुकसान होगा।
इस सर्वे मे करीब 44.26% फीसदी यानी 3675 पाठकों का मानना है कि मनमोहन वैद्य के आरक्षण पर दिए गए बयान से यूपी चुनाव में बीजेपी को फायदा होगा। इसके साथ ही 2.76% फीसदी यानी 229 पाठकों का मानना है कि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।

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Saturday, January 21, 2017

योगी आदित्यनाथ के बाद अब बीजेपी ने वरुण गांधी को दिया बड़ा झटका: स्टार प्रचारक की सूची से बाहर



वाराणसी:  उत्तरप्रदेश में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल योगी आदित्यनाथ के बाद बीजेपी ने अब वरुण गांधी को तगड़ा झटका दे दिया है। कभी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे बीजेपी के इन दोनों धुरधंर को निराशा मिल सकती है। बीजेपी ने पहले योगी आदित्यनाथ को चुनाव समिति से बाहर किया गया था। इसके बाद अब यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रथम व द्वितीय चरण के स्टार प्रचारक की सूची से वरुण गांधी का नाम बाहर कर दिया गया है।


सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही स्टार प्रचारको सूची के मुताबिक वरुण गांधी को यूपी के दो चरण में होने वाले चुनाव में स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। कभी बीजेपी के स्टार प्रचारको में शामिल रहे वरुण गांधी को पश्चिम यूपी में चुनाव प्रचार करने की जिम्मेदारी इस बार नहीं दी जायेगी। 
उत्तरप्रदेश में वरुण गांधी बीजेपी का बड़ा नाम रहा है।
यूपी में बीजेपी के बड़े नेताओं में वरुण गांधी का नाम शामिल है। गांधी परिवार से खून का रिश्ता होने का फायदा व नुकसान दोनों ही वरुण गांधी को कई भोगना पड़ता है। यूपी में बीजेपी ने सीएम पद के लिए किसी प्रत्याशी का नाम अभी तक घोषित नहीं किया है। माना जा रहा था कि योगी आदित्यनाथ व वरुण गांधी इस दौड़ में शामिल है लेकिन जिस तरह से योगी आदित्यनाथ व वरुण गांधी को साइड लाइन किया जा रहा है उससे दोनों नेताओ की नाराजगी बढ़ सकती है।

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